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अमरनाथ शिवलिंग ने लिया पूरा आकार: BSF ने किए पहले दर्शन, यात्रा की तैयारियां तेज

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अमरनाथ शिवलिंग ने लिया पूरा आकार: BSF ने किए पहले दर्शन, यात्रा की तैयारियां तेज
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अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले, पवित्र अमरनाथ गुफा में विराजमान बाबा बर्फानी के शिवलिंग की पहली तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें शिवलिंग ने अपना पूरा आकार ले लिया है। शनिवार को सामने आई इन तस्वीरों के साथ ही, सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। यह खबर तब आई है जब इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के पावन पर्व पर समाप्त होगी, जो कुल 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा के लिए अब तक 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की संभावना है।

यात्रा पंजीकरण और उत्साह

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 3.6 लाख से अधिक भक्त अपना पंजीकरण करा चुके हैं, और अधिकारियों को उम्मीद है कि यह आंकड़ा 5 लाख के पार जा सकता है। यह पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, जहाँ 2025 में 4.14 लाख और 2024 में 5.10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हुई थी और यह पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से की जा रही है। हालांकि, 5 से 30 लोगों के समूह में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण बुधवार को बंद कर दिए गए हैं, लेकिन अकेले या छोटे समूहों में आने वाले भक्तों के लिए स्लॉट खाली रहने तक पंजीकरण जारी रहेंगे।

मार्ग बहाली और सुरक्षा तैयारियां

अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों – बालटाल-सोनमर्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम – पर अभी भी 10 से 12 फीट तक बर्फ जमी हुई है, खासकर हिमस्खलन वाले इलाकों में। हालांकि, सीमा सड़क संगठन (BRO) युद्ध स्तर पर ट्रैक बहाली के काम में जुटा हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक दोनों रास्ते पूरी तरह से तैयार कर दिए जाएंगे। बालटाल मार्ग पर 9 किलोमीटर और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर 8 किलोमीटर ट्रैक से बर्फ हटाई जा चुकी है। इसके अलावा, ट्रैक को 12 फीट चौड़ा करने, सतह में सुधार करने, रिटेनिंग वॉल और कल्वर्ट बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बन सके।

यात्रियों के लिए आधुनिक आवास सुविधाएँ

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए पहले की तरह टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर में आधुनिक और आरामदायक आवास की सुविधा मिलेगी। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जिसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। ये नए ढाँचे तापमान में अचानक गिरावट और भारी बारिश जैसी मौसमी चुनौतियों से निपटने में अधिक प्रभावी साबित होंगे। प्रत्येक इमारत में 48 कमरे बनाए गए हैं, और हर कमरे में अटैच्ड वॉशरूम के साथ गर्म और ठंडे पानी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, हर इमारत में एक पेंट्री भी बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएँ आसानी से मिल सकें। इन अत्याधुनिक संरचनाओं पर काम तीन साल पहले शुरू हुआ था, और अब यह अपने अंतिम चरण में है, जो यात्रा शुरू होने से पहले पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

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आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के नए मानक

पिछले वर्षों के अनुभवों से सीखते हुए, इस बार आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि बाढ़ की आशंका वाले या अन्य संवेदनशील हिस्सों में तीर्थयात्रियों के लिए कोई कैंप नहीं लगाए जाएंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को अधिकतम सुरक्षा प्रदान की जा सके। सभी संवेदनशील हिस्सों और आपदा की आशंका वाले स्थानों को चिन्हित कर वहाँ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएँ, संचार व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल भी पूरी तरह से तैयार रहेंगे। इन कड़े सुरक्षा मानकों और बेहतर सुविधाओं के साथ, प्रशासन का लक्ष्य अमरनाथ यात्रा को सभी श्रद्धालुओं के लिए एक सुरक्षित, सुगम और अविस्मरणीय अनुभव बनाना है।

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