योगी कैबिनेट के 12 बड़े फैसले: पंचायत आरक्षण आयोग, 1010 बेड अस्पताल मंजूर
उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने सोमवार, 18 मई 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जो राज्य के सर्वांगीण विकास और आगामी चुनावी परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन फैसलों में पंचायत चुनावों के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन, लखनऊ मेट्रो का विस्तार, 1010 बेड के एक अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण और पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ता में वृद्धि जैसे जनहितैषी कदम शामिल हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य न केवल उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति को गति देना है, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाना है।
पंचायत आरक्षण आयोग और सामाजिक न्याय की दिशा
योगी कैबिनेट द्वारा पंचायत चुनावों के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी देना एक दूरगामी फैसला है। इस आयोग का मुख्य कार्य राज्य में पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति का गहन अध्ययन करना और उनकी उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सिफारिशें देना होगा। यह निर्णय आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत अपनी भूमिका निभाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि समाज के कमजोर वर्गों को उनका संवैधानिक हक मिल सके। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन माह का समय दिया गया है, जिसके आधार पर भविष्य की आरक्षण नीतियां तैयार की जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से सामाजिक न्याय की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व में विविधता आएगी। यह निर्णय प्रदेश की आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करेगा और उनकी राजनीतिक सहभागिता को मजबूत करेगा।
स्वास्थ्य और शहरी विकास को नई गति
कैबिनेट ने लखनऊ में 1010 बेड वाले एक अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण को भी हरी झंडी दी है। यह अस्पताल कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजी जैसी विशिष्ट चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और इसे सरकारी-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा सकता है। इस विशाल परियोजना का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और नागरिकों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके निर्माण में लगभग 700 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इससे लगभग 1,500 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिसमें डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होंगे। इसके साथ ही, लखनऊ मेट्रो के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है, जो शहरी विकास के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम है। लखनऊ के शहरी विस्तार को ध्यान में रखते हुए, मेट्रो का यह नया चरण लगभग 12 किलोमीटर लंबा होगा और शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ेगा, जिससे चार लाख से अधिक दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,000 करोड़ रुपये है और इसे अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार शहर में यातायात भीड़ को कम करने, प्रदूषण पर नियंत्रण पाने और लोगों के सफर को अधिक सुगम बनाने में सहायक होगा।
शिक्षा, रोजगार और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
योगी कैबिनेट ने पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ता में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। अब पशु चिकित्सा छात्रों का मासिक इंटर्नशिप भत्ता 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से प्रति वर्ष 2,000 से अधिक छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर वित्तीय सहायता मिल सकेगी। यह कदम पशुधन क्षेत्र में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा और प्रतिभाशाली युवाओं को इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करेगा। इन प्रमुख प्रस्तावों के अलावा, कैबिनेट ने 9 अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिनमें कृषि सुधार, पर्यटन प्रोत्साहन, औद्योगिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इन निर्णयों से राज्य में बुनियादी ढांचा विकास, राजस्व संबंधी सुधार और प्रशासनिक सुधारों को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित विभागों को इन जनहितैषी प्रस्तावों पर त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, और ये फैसले इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन निर्णयों से प्रदेश के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा और विकास की तेज गति और सुनिश्चित होगी।