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कमिश्नरी सिस्टम से पुलिसिंग होगी मजबूत: मेघा तिवारी | Raipur News Today

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कमिश्नरी सिस्टम से पुलिसिंग होगी मजबूत: मेघा तिवारी | Raipur News Today
रायपुर

आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर में लागू की गई नई पुलिस कमिश्नरी प्रणाली को लेकर अधिकारियों ने इसके लाभ और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पहले की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावी होगी।

अधिकारियों के अनुसार 23 जनवरी से रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाना, अपराध नियंत्रण को तेज करना और जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस प्रणाली के लागू होने से प्रशासनिक निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को अधिक अधिकार और संसाधन मिलेंगे।

अधिकारियों की संख्या में हुआ इजाफा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन में अधिकारियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले रायपुर में केवल एक आईपीएस रैंक का अधिकारी तैनात होता था, लेकिन अब व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।

नई प्रणाली के तहत अब 6 से अधिक आईपीएस अधिकारियों के साथ एडीसीपी और एसीपी रैंक के कई अधिकारी तैनात किए गए हैं। इससे शहर में पुलिस की मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत होगी और विभिन्न क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे अपराधों पर नियंत्रण रखने में भी आसानी होगी।

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महिला और बाल सुरक्षा पर विशेष ध्यान

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि महिला और बाल सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से स्कूल और कॉलेज के समय, विशेषकर छुट्टी के दौरान, कई संवेदनशील और चिन्हित स्थानों पर ‘पिंक पेट्रोलिंग’ बढ़ा दी गई है।

पिंक पेट्रोलिंग के माध्यम से पुलिस टीम लगातार निगरानी रख रही है ताकि छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि इससे असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

पुलिस को मिले कई महत्वपूर्ण अधिकार

कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस को कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कानूनी अधिकार भी प्राप्त हुए हैं। पहले जिन मामलों की सुनवाई एसडीएम स्तर पर होती थी, अब उन मामलों को एसीपी, डीसीपी और पुलिस कमिश्नर स्तर पर सुना जाएगा।

इसके अलावा पुलिस को ‘जिला बदर’ और ‘बाउंड ओवर’ जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का अधिकार भी मिल गया है। अधिकारियों के अनुसार यदि कोई अपराधी बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसकी जमानत राशि जब्त कर उसे जेल भेजा जा सकता है। इससे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना आसान होगा।

ट्रैफिक व्यवस्था में भी होगा सुधार

नई प्रणाली के तहत यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक विभाग में भी अधिकारियों और जवानों की संख्या बढ़ाई गई है। इससे शहर में ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि राजधानी होने के कारण रायपुर में अक्सर वीआईपी मूवमेंट, धरना-प्रदर्शन और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम होते रहते हैं। ऐसे में कमिश्नरी प्रणाली पुलिस को इन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद करेगी।

राजधानी होने के कारण रहती हैं कई चुनौतियाँ

पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी होने के कारण यहाँ पुलिस के सामने हर समय नई चुनौतियाँ रहती हैं। पुलिस को एक साथ अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा और कानून व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर काम करना पड़ता है।

360 डिग्री सुधार की उम्मीद

अधिकारियों ने विश्वास जताया कि कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से रायपुर में पुलिसिंग में 360 डिग्री सुधार देखने को मिलेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव हाल ही में हुए होली पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन में भी देखने को मिला, जहां पुलिस की सक्रियता से पूरे शहर में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहा।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस नई व्यवस्था के जरिए रायपुर में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण प्रदान करने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

रिपोर्ट: मेघा तिवारी, साकारभारत।

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लेखक
Megha Tiwari
Megha Tiwari is a Raipur-based reporter with SakarBharat, covering city news, law enforcement, civic issues, and social developments across Chhattisgarh.