रायपुर में बड़ा बदलाव: कोतवाली चौक बनेगा “जैन स्तंभ चौक”, नामकरण की तैयारी तेज | Raipur News Today
आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शहर के एक प्रमुख और ऐतिहासिक चौराहे को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। लंबे समय से चर्चित कोतवाली चौक का नाम अब बदलकर “जैन स्तंभ चौक” करने की तैयारी तेज हो गई है। इस प्रस्ताव को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों में तेजी से काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में शहर की पहचान में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।
शहर के मध्य स्थित कोतवाली चौक रायपुर का एक प्रमुख व्यापारिक और यातायात केंद्र है। यहां से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं और आसपास का क्षेत्र बाजार, सरकारी दफ्तरों और ऐतिहासिक स्थलों के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस चौक का नाम बदलकर “जैन स्तंभ चौक” करना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को भी दर्शाता है।
नामकरण के पीछे का उद्देश्य।
सूत्रों के अनुसार, जैन समाज की लंबे समय से मांग रही है कि शहर के किसी प्रमुख स्थल का नाम जैन परंपरा और योगदान को दर्शाते हुए रखा जाए। इसी कड़ी में कोतवाली चौक का चयन किया गया है। प्रस्तावित “जैन स्तंभ” एक भव्य स्मारक के रूप में स्थापित किया जाएगा, जो जैन धर्म के सिद्धांतों और अहिंसा के संदेश को प्रदर्शित करेगा।
यह स्तंभ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के तहत चौक का पूर्ण कायाकल्प किया जाएगा, जिसमें आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और आकर्षक डिजाइन शामिल होंगे।
प्रशासनिक तैयारियां तेज।
रायपुर नगर निगम और जिला प्रशासन इस नामकरण को लेकर पूरी तरह सक्रिय हैं। संबंधित प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद इसे अंतिम मंजूरी देने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, नाम परिवर्तन की घोषणा कर दी जाएगी।
इसके साथ ही चौक पर जैन स्तंभ की स्थापना के लिए डिजाइन और निर्माण कार्य की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम इस पर काम कर रही है ताकि यह स्मारक शहर की पहचान बन सके।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया।
इस निर्णय को लेकर शहर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां जैन समाज और कुछ अन्य संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं कुछ लोगों का मानना है कि ऐतिहासिक नामों को बदलने से शहर की पुरानी पहचान प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव शहर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने के लिए किया जा रहा है और इससे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी। सभी वर्गों को साथ लेकर इस निर्णय को लागू करने की कोशिश की जा रही है।
पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा।
विशेषज्ञों का मानना है कि “जैन स्तंभ चौक” बनने के बाद यह स्थान शहर का नया आकर्षण बन सकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को एक नया सार्वजनिक स्थल मिलेगा, बल्कि बाहरी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा।
शहर में पहले से ही कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, और इस नए स्तंभ के जुड़ने से रायपुर का पर्यटन मानचित्र और मजबूत होगा। साथ ही, आसपास के व्यापारियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि चौक पर लोगों की आवाजाही और बढ़ेगी।
जल्द हो सकती है आधिकारिक घोषणा।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इस नामकरण को लेकर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इसके बाद चौक के सौंदर्यीकरण और जैन स्तंभ के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी।
रायपुर में हो रहा यह बदलाव शहर के विकास और सांस्कृतिक पहचान को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। आने वाले समय में “जैन स्तंभ चौक” न केवल एक नाम, बल्कि रायपुर की नई पहचान के रूप में उभरेगा।