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रायपुर में टैक्स बकायादारों पर सख्ती: नगर निगम ने शुरू की संपत्तियों की सीलबंदी कार्रवाई | Raipur News Today

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रायपुर में टैक्स बकायादारों पर सख्ती: नगर निगम ने शुरू की संपत्तियों की सीलबंदी कार्रवाई | Raipur News Today
रायपुर

आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर नगर निगम ने संपत्ति कर वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बकायादारों पर कार्रवाई तेज कर दी है। कर नहीं चुकाने वालों को अब सीधे सीलबंदी जैसी कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में निगम की टीम ने कई बड़े बकायादारों को नोटिस देने के बाद उनकी संपत्तियों को सील करना शुरू कर दिया है, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है।

सख्ती की वजह: बढ़ते बकाया और लक्ष्य का दबाव

नगर निगम के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं किया है। यह बकाया राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है, जिससे नगर निगम के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संपत्ति कर ही नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत होता है, जिससे सड़क, सफाई, जलापूर्ति और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं संचालित की जाती हैं।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने से पहले सभी बकाया वसूल करना प्राथमिकता है। इसी कारण अब नोटिस देने के बाद सीधे कार्रवाई की जा रही है।

पहले नोटिस, फिर सीलबंदी

नगर निगम की कार्रवाई एक तय प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पहले बकायादारों को डिमांड नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी यदि भुगतान नहीं होता, तो अंतिम चेतावनी दी जाती है। चेतावनी के बावजूद कर जमा नहीं करने पर संबंधित संपत्ति को सील कर दिया जाता है।

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इस कार्रवाई के तहत कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त संदेश है कि कर चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छुट्टियों में भी खुले कार्यालय, फिर भी नहीं चुकाया टैक्स

नगर निगम ने करदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था भी की थी। 26 मार्च से 31 मार्च तक अवकाश के दिनों में भी सभी जोन कार्यालयों को खुला रखा गया ताकि लोग आसानी से अपना टैक्स जमा कर सकें। इसके साथ ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

इसके बावजूद कई लोग कर भुगतान में लापरवाही बरत रहे हैं, जिसके चलते निगम को सख्त कदम उठाने पड़ रहे हैं।

31 मार्च के बाद बढ़ेगा बोझ

नगर निगम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद बकाया कर पर अतिरिक्त 17 प्रतिशत अधिभार लगाया जाएगा। इसके अलावा कुर्की, सीलबंदी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी जाएगी।

इसलिए निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही अपने बकाया का भुगतान कर दें, ताकि अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।

बड़े बकायादार निशाने पर

सूत्रों के अनुसार, निगम की विशेष टीम बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर रही है। ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल, दुकानों और अन्य संपत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के लिए चुना गया है।

पहले भी नगर निगम ने ऐसे मामलों में कार्रवाई करते हुए एक रेस्टोरेंट को सील किया था, जिस पर कई वर्षों से लाखों रुपये का टैक्स बकाया था।

इस बार भी निगम इसी तरह बड़े डिफॉल्टर्स पर फोकस कर रहा है, ताकि अधिकतम वसूली हो सके।

नागरिकों से सहयोग की अपील

नगर निगम ने कहा है कि शहर के विकास में नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। समय पर टैक्स जमा करने से ही विकास कार्यों को गति मिलती है। निगम ने लोगों से जिम्मेदार नागरिक बनने और समय पर कर भुगतान करने की अपील की है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिन लोगों ने अब तक भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

रायपुर में संपत्ति कर बकायादारों के खिलाफ शुरू हुई यह सख्त कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जो लोग अभी भी टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके लिए यह अंतिम चेतावनी है। समय रहते भुगतान करना ही सबसे बेहतर विकल्प है, अन्यथा संपत्ति सील होने जैसी कड़ी कार्रवाई से बचना मुश्किल होगा।

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