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भारत ने शतरंज ओलंपियाड के लिए टीमें घोषित कीं, खिताब बचाने की चुनौती

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भारत ने शतरंज ओलंपियाड के लिए टीमें घोषित कीं, खिताब बचाने की चुनौती
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भारत ने आगामी FIDE शतरंज ओलंपियाड के लिए अपनी मजबूत पुरुष और महिला टीमों की घोषणा कर दी है, जिसका आयोजन 16 से 27 सितंबर तक उज्बेकिस्तान के समरकंद में होगा। विश्व चैंपियन डी. गुकेश, शानदार फॉर्म में चल रहे आर. प्रज्ञानंद और महिला कैंडिडेट्स विजेता आर. वैशाली के नेतृत्व में भारतीय दल अपने दोनों टीम खिताबों को बरकरार रखने की चुनौती का सामना करेगा। भारत ने 2024 के शतरंज ओलंपियाड में पहली बार पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था, और घोषित दल देश के इस दोहरे ताज को सफलतापूर्वक बचाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। यह घोषणा भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आई है, जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन और अनुभव देश की उम्मीदों को पंख दे रहा है।

भारतीय दल: संतुलन और शक्ति का संगम

पुरुष टीम में डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, आर. प्रज्ञानंद, निहाल सरीन और विदित गुजराती जैसे शीर्ष खिलाड़ी शामिल हैं, जिनके कप्तान अनुभवी कोच श्रीनाथ नारायणन होंगे। पिछले 2024 के ओपन खिताब विजेता दल में से निहाल सरीन ही एकमात्र नया चेहरा हैं, जो टीम में नई ऊर्जा और रणनीति का संचार करेंगे। महिला टीम में कोनेरू हम्पी, आर. वैशाली, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और सविता श्री बी जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, जिनकी कप्तानी स्वयंम्स मिश्रा करेंगे। कोनेरू हम्पी और सविता श्री बी ने पिछले साल के स्वर्ण पदक विजेता दल के दो सदस्यों की जगह ली है, जिससे पहले से ही मजबूत लाइनअप और भी दुर्जेय हो गया है। इस दल में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का एक आदर्श संतुलन है, जो किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।

प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उम्मीदें

भारतीय दल में अनुभवी चैंपियन और असाधारण हालिया फॉर्म वाले खिलाड़ियों का एक बेहतरीन मिश्रण है। प्रज्ञानंद जून में प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने के बाद आत्मविश्वास से भरे हुए ओलंपियाड में प्रवेश कर रहे हैं। 20 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने करियर के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक दिया, जिसमें उन्होंने विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन और विश्व चैंपियन गुकेश को हराकर खिताब जीता। वहीं, गुकेश हाल ही में संपन्न हुए चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म हासिल करने के लिए उत्सुक होंगे, जहां वह अपने सात में से तीन गेम हारकर केवल दो अंकों के साथ तालिका में सबसे नीचे रहे थे। महिला वर्ग में, वैशाली भारत की सबसे चमकीली सितारों में से एक बनकर उभरी हैं। इस साल की शुरुआत में, वह FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जिससे उन्हें चीन की जू वेंगुन को महिला विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती देने का अधिकार मिला है। पूर्व विश्व रैपिड चैंपियन हम्पी टीम में अपार अनुभव लाती हैं, जो भारत के विजयी 2024 ओलंपियाड अभियान में शामिल नहीं थीं, जबकि मौजूदा महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल टीम की गहराई को और बढ़ाती हैं।

विश्वनाथन आनंद FIDE के अंतरिम अध्यक्ष बने

भारतीय शतरंज के लिए एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने FIDE के अंतरिम अध्यक्ष का पदभार संभाला है, जब निवर्तमान अर्कडी ड्वोरकोविच ने अस्थायी रूप से पद छोड़ दिया है। ड्वोरकोविच, जिन्हें हाल ही में रूस-यूक्रेन युद्ध से संबंधित यूरोपीय संघ की प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया था, ने घोषणा की कि वह इस निर्णय को चुनौती देते हुए अपनी शक्तियों के प्रयोग को निलंबित कर देंगे। FIDE चार्टर के अनुसार, आनंद, जो 2022 से शासी निकाय के उप-अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। यह भारतीय शतरंज के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, क्योंकि आनंद का वैश्विक शतरंज के शीर्ष नेतृत्व में आना देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करता है। उनकी उपस्थिति से अंतरराष्ट्रीय शतरंज मंच पर भारत का प्रभाव और बढ़ेगा, और यह भारतीय शतरंज के भविष्य के लिए नई दिशाएं खोलेगा।

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