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अंबिकापुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान, गांव-गांव पहुंच रही मेडिकल टीम और बढ़ी सतर्कता

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अंबिकापुर में स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान, गांव-गांव पहुंच रही मेडिकल टीम और बढ़ी सतर्कता
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अंबिकापुर। बढ़ती गर्मी और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए अंबिकापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष स्वास्थ्य अभियान शुरू किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने जांच, उपचार और जागरूकता को लेकर व्यापक तैयारी की है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को समय रहते स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बीमारियों के प्रसार को रोकना है।

गर्मी के मौसम में डायरिया, वायरल फीवर, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांव-गांव भेजा गया है। ये टीमें लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और बीमारी के शुरुआती लक्षण मिलने पर तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कई गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जहां मुफ्त जांच और दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त दवाइयों का भंडारण भी सुनिश्चित किया है। जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक दवाएं और जरूरी इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है ताकि मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता और मितानिनें घर-घर जाकर लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय बता रही हैं। लोगों को अधिक पानी पीने, साफ और ताजा भोजन करने तथा दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन वर्गों में गर्मी और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्या बताया

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह पेयजल की समस्या भी सामने आती है, जिससे दूषित पानी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। इसे देखते हुए लोगों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वास्थ्य टीमों द्वारा गांवों में स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

जिला अस्पताल प्रशासन ने भी संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बेड और उपचार सुविधाओं की व्यवस्था की है। अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है और गंभीर मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाए तो अधिकांश मौसमी बीमारियों को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बच्चों को हाथ धोने की आदत, साफ पानी पीने और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने की जानकारी दी जा रही है। विभाग का मानना है कि जागरूकता ही मौसमी बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है।

ग्रामीण इलाकों में मोबाइल मेडिकल यूनिट भी सक्रिय की गई हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। कई ऐसे गांव जहां स्वास्थ्य केंद्र दूर हैं, वहां मेडिकल टीम सीधे पहुंचकर मरीजों का उपचार कर रही है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को तेज बुखार, उल्टी-दस्त, चक्कर या अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। विभाग का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा ताकि जिले में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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