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भीषण गर्मी का कहर: कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित

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भीषण गर्मी का कहर: कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित
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देशभर में बढ़ती भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। अप्रैल के मध्य में ही तापमान कई राज्यों में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे सबसे ज्यादा असर बच्चों और स्कूली शिक्षा पर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने स्कूलों की छुट्टियां निर्धारित समय से पहले घोषित कर दी हैं।

उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में हीटवेव का असर तेजी से बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में दिन के समय लू चल रही है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की चेतावनी दी है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।

छत्तीसगढ़ में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जैसे जिलों में तापमान 43 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। इसके चलते राज्य सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए छुट्टियां पहले घोषित करने का निर्णय लिया है। अब स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां तय समय से लगभग एक से दो सप्ताह पहले शुरू हो जाएंगी।

मध्य प्रदेश में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि बच्चों को इस भीषण गर्मी से बचाने के लिए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया जाए और जल्द ही छुट्टियां घोषित की जाएं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कई जिलों में स्कूलों का समय सुबह जल्दी कर दिया है और छुट्टियों की तारीख आगे बढ़ा दी है।

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बिहार में भी शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे गर्मी को देखते हुए अपनी छुट्टियां जल्द शुरू करें। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का शरीर गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होता है, इसलिए उन्हें लंबे समय तक धूप में रखना खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सनबर्न जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। यही कारण है कि स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित करना एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, इस साल गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा तेज हो सकती है। अप्रैल से जून के बीच कई इलाकों में लू के लंबे दौर की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन और सरकारें पहले से सतर्क नजर आ रही हैं।

इसके अलावा, कई जगहों पर स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कक्षाएं संचालित की जा रही हैं ताकि बच्चे दोपहर की तेज धूप से बच सकें। कुछ निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का विकल्प भी अपनाया है।

अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत सबसे पहले है और ऐसे मौसम में स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, कुछ अभिभावक पढ़ाई के नुकसान को लेकर भी चिंतित हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इसे जरूरी कदम मान रहे हैं।

गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। बच्चों को विशेष रूप से धूप से बचाने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित करना एक राहत भरा फैसला साबित हो रहा है। आने वाले दिनों में अगर तापमान और बढ़ता है, तो अन्य राज्य भी इसी तरह के कदम उठा सकते हैं। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों, खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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