छत्तीसगढ़ 4 मिनट पढ़ें

चिंतागुफा में सुकमा पुलिस ने ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान से जीता भरोसा

9 व्यूज़
चिंतागुफा में सुकमा पुलिस ने ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान से जीता भरोसा
छत्तीसगढ़

सुकमा जिले के चिंतागुफा क्षेत्र से सुकमा पुलिस की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है, जिसने खाकी के मानवीय चेहरे को उजागर किया है। शहादत की धरती माने जाने वाले इस इलाके में पुलिस अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान की दिशा में काम करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में सुकमा पुलिस द्वारा ‘निवा दुवाड़ ते’ अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय बोली में इसका अर्थ “आपके द्वार” है। इस अभियान का उद्देश्य पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत करना तथा संवाद के माध्यम से सामाजिक समरसता स्थापित करना है।

अभियान के तहत पुलिस टीमें लगातार गांव-गांव पहुंच रही हैं। ग्रामीणों की समस्याओं का चिन्हांकन किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर मौजूद बुनियादी चुनौतियों की पहचान कर संबंधित विभागों और प्रशासन तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया।

सुकमा पुलिस का संदेश “विश्वास का रिश्ता, संवाद के साथ” इस अभियान की मूल भावना को दर्शाता है। पुलिस का मानना है कि जनसंवाद के माध्यम से ही ग्रामीणों का विश्वास जीता जा सकता है और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। पुलिस ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक कर रही है ताकि पात्र लोगों को उनका लाभ मिल सके।

चिंतागुफा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की यह पहल केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और पुलिस के बीच भरोसे की नई नींव मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की है और इसे सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सुकमा पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। गांव-गांव पहुंचकर जनसंवाद, समस्याओं की पहचान और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं और प्रशासनिक सहयोग मिल सके।

टैग्स

और पढ़ें

लेखक

आपकी प्रतिक्रिया