खनिज विभाग का ताबड़तोड़ अभियान, अवैध खनन में इस्तेमाल मशीन और हाइवा पकड़े गए
गरियाबंद। जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर बी.एस. उइके के निर्देश पर खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रातभर विशेष अभियान चलाकर अवैध रेत कारोबारियों पर शिकंजा कसा। इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, 11 जून की देर रात शुरू हुआ अभियान 12 जून की सुबह लगभग 9:30 बजे तक लगातार जारी रहा। खनिज विभाग और पुलिस की टीम ने राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम चौबेबांधा-सिंधोरी सीमा क्षेत्र में दबिश देकर अवैध खनन गतिविधियों की जांच की। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में उपयोग की जा रही एक चेन माउंटेन मशीन को जब्त किया गया।
इसके अलावा अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त एक हाइवा वाहन को भी पकड़ा गया
इसके अलावा अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त एक हाइवा वाहन को भी पकड़ा गया। जब्त किए गए हाइवा को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पांडुका थाना में रखा गया है, जबकि एक अन्य वाहन को राजिम थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत परिवहन और खनिज उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संयुक्त अभियान की योजना बनाकर कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान टीम ने कई संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रशासन का कहना है कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनिज विभाग लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अवैध कारोबार में शामिल लोगों को चेतावनी दी है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी।
राजिम पुलिस, माइनिंग सहायक अधिकारी अर्चना ठाकुर और माइनिंग इंस्पेक्टर कोमल ध्रुव ने क्या बताया
राजिम पुलिस, माइनिंग सहायक अधिकारी अर्चना ठाकुर और माइनिंग इंस्पेक्टर कोमल ध्रुव ने बताया कि जिले में अवैध खनन रोकने के लिए लगातार संयुक्त जांच और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि खनिज संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।