गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में अब दस्तावेजों में लिखा जाएगा भारत
इस खबर की वेब स्टोरी देखें
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आधिकारिक दस्तावेजों और मार्कशीट में अंग्रेजी शब्द "India" के स्थान पर "Bharat" शब्द के उपयोग को मंजूरी दे दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले को भारतीय पहचान और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में जारी होने वाली मार्कशीट, डिग्री, प्रमाण पत्र और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों में "Republic of Bharat" अथवा "Bharat" शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इस निर्णय के बाद गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय देश के उन चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अपने दस्तावेजों में ‘भारत’ शब्द को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 1 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि "India, that is Bharat"। इसी संवैधानिक भावना और भारतीय परंपराओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में राष्ट्रीय पहचान और भारतीय मूल्यों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।
इस फैसले के बाद शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में चर्चा शुरू हो गई है। कई शिक्षाविदों और छात्रों ने इसे भारतीय संस्कृति और पहचान को मजबूत करने वाला कदम बताया है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दस्तावेजों की स्वीकार्यता को लेकर व्यावहारिक चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।
गौरतलब है कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी आधिकारिक स्तर पर "भारत" शब्द के उपयोग को लेकर देशभर में चर्चा हुई थी। अब गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय का यह निर्णय एक बार फिर इस विषय को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ले आया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नए प्रारूप को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।