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गरियाबंद की छह बेटियों का हौसला बुलंद, फ्रेंडशिप पीक फतह करने रवाना

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गरियाबंद की छह बेटियों का हौसला बुलंद, फ्रेंडशिप पीक फतह करने रवाना
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गरियाबंद। दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और कुछ अलग कर दिखाने के जुनून के साथ गरियाबंद जिले की छह बेटियां हिमाचल प्रदेश की 17,388 फीट ऊंची फ्रेंडशिप पीक पर तिरंगा फहराने के उद्देश्य से रवाना हुई हैं। यह अभियान न केवल उनके लिए एक चुनौती है, बल्कि छत्तीसगढ़ और गरियाबंद जिले के लिए गर्व का विषय भी है।

इस दल का नेतृत्व युवा ट्रेकर कनक लता सिंह कर रही हैं, जो इससे पहले दो महत्वपूर्ण पर्वतारोहण अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं। फ्रेंडशिप पीक अभियान उनका तीसरा बड़ा पर्वतारोहण मिशन है। कनक लता का कहना है कि जीवन में कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण करने की इच्छा उन्हें लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और प्रोत्साहन को दिया।

हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल पर्वतमाला में स्थित फ्रेंडशिप पीक समुद्र तल से लगभग 5,300 मीटर यानी 17,388 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कुल्लू-मनाली क्षेत्र के व्यास कुंड के पास स्थित यह पर्वत उत्तर भारत के लोकप्रिय पर्वतारोहण स्थलों में गिना जाता है। सोलंग वैली से शुरू होने वाला यह ट्रेक घने जंगलों, हरे-भरे मैदानों, ग्लेशियरों और बर्फीली ढलानों से होकर गुजरता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सेमी-टेक्निकल ट्रेक है, जिसे पूरा करने के लिए शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती बेहद जरूरी होती है।

कनक लता सिंह इससे पहले लगभग 12,500 फीट ऊंचे केदारकांठा ट्रेक और करीब 14,700 फीट ऊंचे हमटा पास ट्रेक को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य फ्रेंडशिप पीक की चोटी पर तिरंगा फहराकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करना है।

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इस अभियान में कनक लता सिंह के साथ डिगेश्वरी ध्रुव, अम्बा तारक, खिलेश्वरी कश्यप, कोमिता साहू और अंजू निषाद शामिल हैं। इनमें अधिकांश प्रतिभागी गरियाबंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन युवतियों ने जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।

स्थानीय लोगों और परिजनों को उम्मीद है कि यह दल सुरक्षित रूप से फ्रेंडशिप पीक की चोटी तक पहुंचेगा और वहां तिरंगा फहराकर लौटेगा। बेटियों के इस साहसिक अभियान ने पूरे जिले में उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया है। इन बेटियों की उड़ान यह साबित करती है कि सपनों को साकार करने के लिए केवल मजबूत इरादों की जरूरत होती है।

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