भीषण गर्मी के चलते स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित, 15 जून तक बंद रहेंगे विद्यालय
राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गर्मी की छुट्टियों का ऐलान पहले ही कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे। इस फैसले से लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिली है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में लू जैसे हालात बन गए हैं। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने समय से पहले गर्मी की छुट्टियां घोषित करने का निर्णय लिया। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सरकार की पहली प्राथमिकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चों पर अत्यधिक गर्मी का असर जल्दी पड़ता है। लगातार धूप और उमस के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, बुखार और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। कई जिलों से अभिभावकों द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियों की मांग भी की जा रही थी। इसके बाद सरकार ने समीक्षा बैठक कर छुट्टियों की घोषणा की।
सरकारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 15 जून तक बंद रहेंगे। हालांकि शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को आवश्यक प्रशासनिक कार्यों के लिए निर्देशानुसार उपस्थित होना पड़ सकता है। वहीं विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई स्कूलों द्वारा ऑनलाइन असाइनमेंट और होमवर्क देने की तैयारी भी की जा रही है।
गर्मी की छुट्टियों की घोषणा के बाद बच्चों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से तेज गर्मी के बीच स्कूल आने-जाने में उन्हें परेशानी हो रही थी। अभिभावकों ने भी सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चों का घर पर रहना ज्यादा सुरक्षित है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कई इलाकों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहनें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और बच्चों तथा बुजुर्गों को अधिक समय तक धूप में न रहने दें। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों को पौष्टिक आहार और पर्याप्त आराम मिलना जरूरी है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक छुट्टियों के बाद स्कूलों को फिर से नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। यदि मौसम की स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो सरकार आगे भी आवश्यक निर्णय ले सकती है। फिलहाल विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत देते हुए सरकार ने समय रहते यह बड़ा फैसला लिया है।
प्रदेश में हर साल मई और जून के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार अप्रैल महीने से ही तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिली। कई जिलों में पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। ऐसे में स्कूलों की छुट्टियां पहले घोषित करना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले को बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और बढ़ती गर्मी के बीच भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था को मौसम के अनुरूप लचीला बनाना होगा, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य भी सुरक्षित रह सके।
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