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Delhi Air Quality Turns Severe Again

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Delhi Air Quality Turns Severe Again
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दिल्ली की हवा ‘खतरनाक’ श्रेणी में पहुंची, AQI गंभीर-से-बेहतर स्तर पर जारी

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 14 दिसंबर 2025 को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर (Severe) तथा कई इलाकों में ‘खतरनाक (Severe + / Hazardous)’ श्रेणी में दर्ज हुआ है। सुबह से ही CPCB और AQI मॉनिटरिंग के आंकड़े 400-500 के पार बने हुए हैं, जो स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक और जोखिमभरे माने जाते हैं। PM2.5 तथा PM10 कणों का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और बुजुर्गों व बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं।

GRAP-4 लागू और प्रतिबंधों के बावजूद समस्या क्यों नहीं सुधरी?

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण (Stage-4) को लागू कर दिया, जिसके तहत निर्माण कार्य पर रोक, प्रदूषणकारी वाहनों पर पाबंदी और स्कूलों में हाइब्रिड मोड जैसे कदम उठाए गये हैं। बावजूद इसके AQI खतरनाक स्तर पर बना हुआ है और प्रदूषण बढ़ने का सिलसिला थमा नहीं है।

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यह सवाल उठता है कि क्या GRAP योजना लागू करने के बाद भी सरकारी नीतियाँ पर्याप्त और प्रभावी साबित नहीं हो रहीं?

लोगों की सांसें क्यों भारी हुईं?

स्थानीय निवासियों ने सांस लेने में कठिनाई, गले या आंखों में जलन तथा स्वास्थ्य जोखिमों की शिकायतें स्थानीय एजेंसियों को दर्ज कराई हैं। अधिकांश लोगों ने कहा कि दिल्ली की हवा में सुधार और स्वच्छ पर्यावरण के लिये सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए, अन्यथा यह समस्या लोगों के स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगी।

क्या केंद्र-राज्य मिलकर रणनीति बदलेंगे?

विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली-NCR का मौसम, कोहरा, वाहनों का धुआं, निर्माण धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और आसपास के राज्यों में पराली जलने से निकलने वाला धुआँ मिलकर वायु गुणवत्ता को तेजी से खराब कर रहा है। इसके बावजूद प्रश्न यह है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिये केंद्र और राज्यों के बीच लम्बे समय से कोई ठोस साझा रणनीति क्यों नहीं बन पा रही?

सरकार से सीधी मांग:

AQI सुधार के लिये स्पष्ट रोडमैप और समयबद्ध लक्ष्य तय करें।

• प्रदूषण-नियंत्रण नीतियों को तेज़ और प्रभावी बनाएं।

• कृषि-मलबे जलाने की समस्याओं के लिये रूपरेखा और वैकल्पिक उपाय लागू करें।

• नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिये त्वरित और सटीक AQI अलर्ट देने की व्यवस्था मजबूत करें।

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लेखक
Karan Singh
Karan, a seasoned journalist, reports with accuracy and integrity, covering diverse issues that impact society and delivering reliable news to readers.

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