देश 5 मिनट पढ़ें

सोना-चांदी भाव 4 मई 2026: सोना स्थिर, चांदी में गिरावट—निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

108 व्यूज़
सोना-चांदी भाव 4 मई 2026: सोना स्थिर, चांदी में गिरावट—निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
देश

देश में 4 मई 2026 को सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सप्ताह की शुरुआत में जहां सोने के दाम अपेक्षाकृत स्थिर या हल्की गिरावट के साथ खुले, वहीं चांदी में कमजोरी साफ देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) तक के संकेत बताते हैं कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

सोने के ताजा भाव

आज भारत के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹15,090 से ₹15,120 प्रति ग्राम के बीच बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹13,800–₹13,900 प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

10 ग्राम के हिसाब से सोने का रेट लगभग ₹1.50 लाख के आसपास बना हुआ है। हालांकि हाल के दिनों में सोना अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आ चुका है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।

चांदी के भाव में गिरावट

चांदी की बात करें तो आज इसमें नरमी देखने को मिली है।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…
  • भारत में चांदी का औसत भाव करीब ₹265 प्रति ग्राम
  • यानी ₹2,65,000 प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है

MCX पर चांदी करीब 1% तक टूटकर ₹2,49,000 प्रति किलो के आसपास ट्रेड करती दिखी, जो इसकी कमजोरी को दर्शाता है।

MCX पर क्या है स्थिति

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

  • सोना हल्की गिरावट या स्थिरता में
  • चांदी में ज्यादा दबाव

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में फिलहाल कोई बड़ा ट्रेंड नहीं बन रहा, जिससे ट्रेडर्स व निवेशक इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

ग्लोबल मार्केट में भी सोने के दाम दबाव में हैं।

  • महंगाई की चिंता
  • कच्चे तेल की ऊंची कीमत
  • अमेरिका की ब्याज दर नीति

इन सभी कारणों से सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है।

इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव और शांति वार्ता की स्थिति पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।

क्यों गिर रहे हैं दाम?

सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे कई बड़े कारण हैं:।

  1. महंगाई (Inflation) – बढ़ती महंगाई से बाजार में अनिश्चितता
  2. ब्याज दरें – ऊंची दरें सोने की मांग कम करती हैं
  3. डॉलर की मजबूती – डॉलर मजबूत होने पर सोना कमजोर होता है
  4. जियोपॉलिटिकल तनाव – युद्ध या तनाव से अस्थिरता
  5. निवेशकों की रणनीति – सुरक्षित निवेश और मुनाफावसूली

क्या अभी खरीदारी का सही समय?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट खरीदारी के लिए अवसर हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं।

हालांकि, बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए एकमुश्त निवेश की बजाय SIP या चरणबद्ध खरीदारी बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड

आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतें इन फैक्टर्स पर निर्भर करेंगी:।

  • अमेरिका के आर्थिक आंकड़े
  • फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
  • कच्चे तेल की कीमत
  • वैश्विक राजनीतिक हालात

विश्लेषकों का मानना है कि साल 2026 में सोना ₹1.40 लाख से ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकता है, जबकि चांदी में भी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना है।

निष्कर्ष

4 मई 2026 को सोना-चांदी बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला है। जहां सोना स्थिर बना हुआ है, वहीं चांदी में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। वैश्विक संकेतों और आर्थिक परिस्थितियों के चलते फिलहाल बाजार अनिश्चित बना हुआ है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार के रुख को समझना बेहद जरूरी है।

टैग्स

और पढ़ें

लेखक