देश 7 मिनट पढ़ें

ओंकारेश्वर में नर्मदा पर भव्य तिरंगा यात्रा, **151** नावों से देशभक्ति का संदेश

14 व्यूज़
ओंकारेश्वर में नर्मदा पर भव्य तिरंगा यात्रा, **151** नावों से देशभक्ति का संदेश
देश

हाल ही में 13 अगस्त, 2026 को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में देशभक्ति और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत, मां नर्मदा की लहरों पर एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 151 नावों पर सवार होकर हजारों नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रीय गौरव की भावना को जगाना और उन्हें देश की एकता व अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना था।

नर्मदा की लहरों पर देशभक्ति का अद्भुत नज़ाराओंकारेश्वर में आयोजित यह तिरंगा यात्रा अपने आप में एक अविस्मरणीय अनुभव थी। नर्मदा नदी के शांत जल पर 151 नावों का एक साथ तिरंगे के रंगों में सजना और एक कतार में आगे बढ़ना, हर देखने वाले के मन में देशभक्ति की भावना भर रहा था। प्रत्येक नाव को राष्ट्रीय ध्वज से सजाया गया था, और उन पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' जैसे ओजस्वी नारे लगा रहे थे। इन नारों की गूँज नर्मदा के घाटों और आसपास के मंदिरों में दूर तक सुनाई दे रही थी, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया।

यह नावों का काफिला ब्रह्मपुरी घाट से अपनी यात्रा शुरू कर गोमुख घाट होते हुए नागर घाट तक पहुंचा। इस दौरान, नर्मदा के दोनों किनारों पर भारी संख्या में लोग एकत्रित थे, जो इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे थे। उन्होंने तालियाँ बजाकर और जयकारे लगाकर यात्रा का स्वागत किया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ गया। लहरों पर लहराते तिरंगे और गूंजते नारों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई अपने आप को इस राष्ट्रीय पर्व का हिस्सा महसूस करने लगा।

'हर घर तिरंगा' अभियान को मिला जन समर्थन

यह भव्य तिरंगा यात्रा भारत सरकार के महत्वाकांक्षी 'हर घर तिरंगा' अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है। ओंकारेश्वर में आयोजित इस नाव यात्रा ने इस अभियान को स्थानीय स्तर पर एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। इस आयोजन में मांधाता विधायक नारायण पटेल, नगर परिषद ओंकारेश्वर की सीएमओ मोनिका पारधी सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन के महत्व को और भी बढ़ा दिया।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

कार्यक्रम के दौरान, विधायक नारायण पटेल ने अपने संबोधन में 'हर घर तिरं...

कार्यक्रम के दौरान, विधायक नारायण पटेल ने अपने संबोधन में 'हर घर तिरंगा' अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बनाए रखने और इसे अपने घरों पर गर्व से फहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक झंडा नहीं, बल्कि हमारे देश की पहचान, हमारे स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों का बलिदान और हमारी विविधता में एकता का प्रतीक है। सीएमओ मोनिका पारधी ने भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों को राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे उनमें देशभक्ति की भावना सुदृढ़ होती है। यह यात्रा न केवल एक दृश्य उत्सव था, बल्कि यह एक सशक्त संदेश भी था कि राष्ट्रीय गौरव और एकता के लिए पूरा समाज एकजुट है।

धार्मिक और राष्ट्रीय भावना का संगम

ओंकारेश्वर, जो भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में विख्यात है। ऐसे पवित्र स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में इस तरह की भव्य यात्रा का आयोजन करना, धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय भावना के अद्भुत संगम को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि कैसे भारतीय संस्कृति में धर्म और राष्ट्रवाद एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। नर्मदा नदी, जिसे मोक्षदायिनी माना जाता है, की लहरों पर तिरंगे का लहराना एक विशेष आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व रखता है। इस यात्रा ने न केवल देशभक्ति को बढ़ावा दिया, बल्कि इसने ओंकारेश्वर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी राष्ट्रीय पटल पर उजागर किया।

यह आयोजन इस बात का भी प्रमाण है कि राष्ट्रप्रेम किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी भारतीयों को एक सूत्र में पिरोता है। यात्रा में शामिल विभिन्न वर्गों और आयु समूहों के लोगों ने दिखा दिया कि जब बात देश की आती है, तो सभी एकजुट होकर खड़े होते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक सामंजस्य को मजबूत करते हैं और नागरिकों को एक साझा राष्ट्रीय पहचान के तहत एकजुट होने का अवसर देते हैं।

टैग्स

और पढ़ें

लेखक

आपकी प्रतिक्रिया