होर्मूज़ में अमरीकी हमला: ईरानी रॉकेट लॉन्चर नष्ट, क्षेत्रीय तनाव चरम पर
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होर्मूज़ जलडमरूमध्य में गुरुवार देर रात अमरीकी सेना ने एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए, ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। यह हमला होर्मूज़ जलडमरूमध्य के पूर्वी तट पर स्थित एक गुप्त ठिकाने पर हुआ, जहाँ ईरान कथित तौर पर अपने समुद्री अभ्यास के दौरान जहाजरानी के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियाँ कर रहा था। अमरीकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जारी एक बयान में पुष्टि की कि यह कार्रवाई अमरीकी हितों और क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई, क्योंकि हाल ही में ईरानी सेना द्वारा उत्तेजक गतिविधियाँ बढ़ गई थीं। इस हमले ने पहले से ही अस्थिर मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएँ पैदा हो गई हैं।
घटना का विस्तृत विवरण
अमरीकी रक्षा विभाग, पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, हमला स्थानीय समयानुसार रात 2:30 बजे के आसपास हुआ। अमरीकी नौसेना के एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमानों और MQ-9 रीपर ड्रोन का उपयोग करके सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में ईरान के कम से कम दो सक्रिय रॉकेट लॉन्चर और उनके सहयोगी उपकरण नष्ट हो गए, जो कथित तौर पर जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की क्षमता रखते थे। पेंटागन ने बताया कि हमले से पहले ईरानी ठिकानों की गहन निगरानी की गई थी, और निशाने को सावधानीपूर्वक चुना गया ताकि नागरिक हताहतों से बचा जा सके। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई "आत्मरक्षा में और अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी के अधिकारों की रक्षा के लिए" की गई थी। हमले के बाद, ईरानी नौसेना के जहाजों की गतिविधियों में अचानक वृद्धि देखी गई, लेकिन कोई सीधी जवाबी कार्रवाई दर्ज नहीं की गई।
क्षेत्रीय तनाव और भू-राजनीतिक निहितार्थ
होर्मूज़ जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, लंबे समय से अमरीका और ईरान के बीच तनाव का केंद्र रहा है। इस नवीनतम हमले ने दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक संबंधों को और अधिक जटिल बना दिया है। वैश्विक तेल बाजार पर इसका तत्काल प्रभाव देखा गया, जहाँ कच्चे तेल की कीमतों में 2% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईरान इस हमले का बदला लेता है, तो यह क्षेत्र एक बड़े सैन्य टकराव में घिर सकता है, जिसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे। मध्य पूर्व के कई देशों, जिनमें सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं, ने अमरीकी कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की है, जबकि कुछ ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की अमरीकी प्रतिबद्धता का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए बातचीत का मार्ग अपनाने की अपील की है।
अमरीका का रुख और ईरान की प्रतिक्रिया
अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि अमरीका क्षेत्र में अपने सहयोगियों और अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में जोर दिया गया कि अमरीका किसी भी ऐसी गतिविधि का जवाब देगा जो जहाजरानी की स्वतंत्रता या क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा करती है। वहीं, ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, इसे "अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन और अमरीकी आक्रामकता का एक और उदाहरण" बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को अस्थिर करेगा, और ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक वरिष्ठ कमांडर ने अमरीका को "उचित और निर्णायक" जवाब देने की धमकी दी है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह जवाब किस रूप में होगा। ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस "अमरीकी दुस्साहस" की निंदा करने का आह्वान किया है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और भविष्य की चिंताएँ
इस घटना पर वैश्विक प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। रूस और चीन ने अमरीका की कार्रवाई को "एकतरफा" करार देते हुए क्षेत्र में तनाव बढ़ने की चेतावनी दी है, जबकि यूरोपीय संघ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला दोनों देशों के बीच एक खतरनाक वृद्धि चक्र को ट्रिगर कर सकता है, जिससे होर्मूज़ जलडमरूमध्य में सैन्य जमावड़े में और वृद्धि हो सकती है। आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया पर वैश्विक समुदाय की गहरी नजर होगी, क्योंकि यह घटना मध्य पूर्व के भविष्य और वैश्विक भू-राजनीति को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है। इस स्थिति में, कूटनीतिक प्रयास और अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता ही एकमात्र रास्ता प्रतीत होती है, ताकि एक बड़े संघर्ष को टाला जा सके।
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