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प्रयागराज विश्वविद्यालय में 26 छात्रों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया

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प्रयागराज विश्वविद्यालय में 26 छात्रों को स्वर्ण पदक से नवाजा गया
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प्रयागराज विश्वविद्यालय में मंगलवार को आयोजित 36वें दीक्षांत समारोह में 26 मेधावी छात्रों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति, श्रीमती आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। इस अवसर पर लगभग 3000 स्नातक और परास्नातक छात्रों को उनकी डिग्रियाँ भी प्रदान की गईं, जो उनके वर्षों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक थीं। यह समारोह छात्रों को उनके अकादमिक सफर में मिली सफलता का जश्न मनाने और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

भव्य समारोह और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

दीक्षांत समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य और गरिमामय तरीके से किया गया। सुबह 10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर आर.के. सिंह, संकाय सदस्य, अभिभावक और शहर के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभागार में छात्रों और उनके अभिभावकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रंगीन गाउन और कैप पहने छात्र अपनी डिग्रियाँ प्राप्त करने और स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित होते देखने के लिए उत्सुक थे। समारोह की शुरुआत विश्वविद्यालय के पारंपरिक शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें राज्यपाल, कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के इतिहास और उसकी शैक्षणिक विरासत पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने सभी उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। यह समारोह न केवल छात्रों की अकादमिक यात्रा का समापन था, बल्कि उनके लिए नए जीवन की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी था।

स्वर्ण पदक विजेताओं का सम्मान और राज्यपाल का संबोधन

समारोह का मुख्य आकर्षण 26 स्वर्ण पदक विजेताओं का सम्मान था, जिन्होंने अपने-अपने संकायों और विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि हासिल की थी। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक छात्र को स्वर्ण पदक प्रदान किए और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विज्ञान संकाय से आकांक्षा सिंह, कला संकाय से राहुल वर्मा, वाणिज्य संकाय से प्रिया शर्मा, और विधि संकाय से अमित कुमार जैसे छात्रों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने छात्रों को कड़ी मेहनत, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व के समग्र विकास और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने का माध्यम है।" उन्होंने छात्रों से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहने का आह्वान किया। राज्यपाल ने विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर भी बल दिया, और स्नातक होने वाली छात्राओं को प्रेरणा स्रोत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

कुलपति का प्रतिवेदन और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना

कुलपति, प्रोफेसर आर.के. सिंह ने अपने प्रतिवेदन में विश्वविद्यालय की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया है। कुलपति ने स्नातक होने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें सलाह दी कि वे अपने जीवन में ईमानदारी, नैतिकता और समर्पण के मूल्यों को हमेशा बनाए रखें। उन्होंने कहा, "यह विश्वविद्यालय हमेशा आपके लिए खुला रहेगा, और हम आशा करते हैं कि आप अपने ज्ञान और कौशल से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।" समारोह के अंत में, कुछ स्वर्ण पदक विजेताओं ने अपने अनुभव साझा किए और विश्वविद्यालय के शिक्षकों और अपने माता-पिता के प्रति आभार व्यक्त किया। आकांक्षा सिंह ने कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। यह सम्मान मुझे भविष्य में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।" छात्रों ने इस दिन को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय पल बताया और अपने शिक्षकों का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। यह दीक्षांत समारोह प्रयागराज विश्वविद्यालय के अकादमिक उत्कृष्टता और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता का एक शानदार प्रमाण था।

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