छत्तीसगढ़ में LPG पर बड़ा फैसला: कमर्शियल उपभोक्ताओं को सिर्फ 20% सिलेंडर, घरेलू को प्राथमिकता | Raipur News Today
आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने एलपीजी (LPG) वितरण को लेकर बड़ा और अहम निर्णय लिया है। राज्य में गैस आपूर्ति के संतुलन और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अब कमर्शियल उपभोक्ताओं को उनके पिछले महीने की खपत के मुकाबले केवल 20 प्रतिशत सिलेंडर ही दिए जाएंगे। यह फैसला खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता विभागीय सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने की।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, ताकि आम लोगों को रसोई गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
नई व्यवस्था के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग और डिलीवरी की समय-सीमा भी तय की गई है।
शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 25 दिनों के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह समय-सीमा 45 दिन रखी गई है।
इस फैसले से लाखों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय से गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर परेशान थे।
कमर्शियल सेक्टर पर असर
सरकार के इस निर्णय का सीधा असर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। अब इन संस्थानों को उनकी जरूरत के मुकाबले सीमित मात्रा में ही गैस मिलेगी।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा प्रतिष्ठान, जेल, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन जैसे संस्थान शामिल हैं, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
इसके अलावा कुछ सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों को आंशिक आपूर्ति दी जाएगी, जबकि होटल और रेस्टोरेंट को सीमित यानी 20 प्रतिशत तक ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
वितरण व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत
एलपीजी वितरण में पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन को गैस एजेंसियों और गोदामों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके।
इसके साथ ही गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने टेलीफोन और हेल्पलाइन सक्रिय रखें तथा उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरंत समाधान करें।
तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—को भी रोजाना स्टॉक और वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
कालाबाजारी पर भी सख्ती
सरकार पहले से ही एलपीजी की कालाबाजारी और दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई कर रही है। हाल ही में कई जगहों पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए थे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही हो।
संतुलित वितरण की कोशिश
राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला उपलब्ध स्टॉक के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इससे एक ओर जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित नहीं होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अस्थायी हो सकता है और आपूर्ति सामान्य होने के बाद इसमें बदलाव संभव है। फिलहाल सरकार का फोकस यही है कि किसी भी आम नागरिक को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला आम जनता के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि संकट के समय आम लोगों की जरूरतें सर्वोपरि हैं। हालांकि, कमर्शियल सेक्टर को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आवश्यक सेवाओं को राहत देकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।