डार्क पैटर्न पर जागरूकता कार्यक्रम रायपुर में आयोजित | Raipur News Today
आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर स्थित गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड में “भारत में डार्क पैटर्न – प्रकार एवं उपभोक्ता निवारण प्रक्रिया” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं के साथ होने वाली भ्रामक और अनैतिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के वाणिज्य परिषद एवं अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वागत उद्बोधन में जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है, ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क और जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं को उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी रखने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सजग रहने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता ने समझाए डार्क पैटर्न के प्रकार
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री अमित वर्मा (प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत) उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि डार्क पैटर्न वे डिजिटल तकनीकें हैं जिनका उपयोग कई वेबसाइट और मोबाइल एप उपभोक्ताओं को भ्रमित करने या अनजाने में खरीदारी करवाने के लिए करते हैं।
उन्होंने भ्रामक विज्ञापन, छिपे हुए शुल्क (Hidden Charges), फोर्स्ड सब्सक्रिप्शन, कन्फर्म-शेमिंग, ट्रिक प्रश्न और बास्केट स्नीकिंग जैसे प्रमुख डार्क पैटर्न के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उपभोक्ता अधिकार और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
यदि किसी उपभोक्ता को किसी सेवा या उत्पाद से संबंधित समस्या होती है तो वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, ई-दाखिल पोर्टल या उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर सकता है।
छात्राओं में बढ़ी जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने और अपने अधिकारों को समझने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है।