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FCI सलाहकार समिति बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा प्रस्ताव, छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में खुलें मंडल कार्यालय | Raipur News Today

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FCI सलाहकार समिति बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल का बड़ा प्रस्ताव, छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में खुलें मंडल कार्यालय | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... रायपुर, 12 जून। भारतीय खाद्य निगम (FCI) छत्तीसगढ़ सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को रायपुर में सांसद एवं समिति अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य में धान खरीदी, चावल भंडारण, परिवहन व्यवस्था और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव रखे गए।

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने क्या कहा

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि FCI की पूरी व्यवस्था का केंद्र बिंदु किसान और आम नागरिक हैं। किसानों को उनके धान का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने पर जोर दिया गया। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों में खाद्यान्न की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में FCI के...

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में FCI के मंडल कार्यालय खोलने का रहा। वर्तमान में राज्य में केवल तीन मंडल कार्यालय संचालित हैं, जिनके अधीन बड़ी संख्या में जिले आते हैं। सांसद ने कहा कि संभाग स्तर पर कार्यालय स्थापित होने से खाद्यान्न प्रबंधन, निगरानी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

भंडारण क्षमता बढ़ाने के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई। सांसद ने क्या कहा

भंडारण क्षमता बढ़ाने के मुद्दे पर भी विशेष चर्चा हुई। सांसद ने कहा कि पर्याप्त भंडारण व्यवस्था नहीं होने के कारण धान उठाव प्रभावित होता है, जिससे आर्थिक नुकसान की स्थिति बनती है। बैठक में 3 लाख मीट्रिक टन क्षमता के PACS गोदामों तथा 1.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले नए गोदामों के निर्माण पर विचार किया गया। निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए 10 वर्ष की गारंटी आधारित मॉडल पर भी चर्चा हुई।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

बस्तर क्षेत्र में नक्सल प्रभाव कम होने के बाद वहां भी भंडारण क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान और चावल की खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा बारिश और मौसम संबंधी कारणों से होने वाले नुकसान को रोकते हुए ‘जीरो वेस्टेज’ के लक्ष्य पर काम किया जाए।

बैठक में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सांसद ने सुझाव दिया कि यदि पंजीकृत किसान धान के बजाय दलहन या तिलहन जैसी फसलें उगाते हैं तो उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता राशि देने पर विचार किया जाए। इससे जल संरक्षण के साथ किसानों की आय में स्थिरता आएगी और सरकारी वित्तीय भार भी कम होगा।

बैठक के अंत में समिति सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में FCI की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर कमियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। समिति द्वारा पारित प्रस्तावों को जल्द ही केंद्रीय मुख्यालय भेजा जाएगा ताकि राज्य में खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

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